Archive of posts with category 'katha-prasang'

सात प्रकार के स्नान

योगसंहिताशास्त्र में ७ प्रकार के स्नान बताये हे , जो इस प्रकार हे :

संकल्प शक्ति - नीम का पेड़ चला - सत्य घटना

परम पूज्य लीलाशाहजी महाराज के जीवन की एक घटना बताता हूँ |

अंतर के तेज की खोज में - सत्य घटना

पारसनाथ (परमपूज्य श्री पुनिताचारीजी महाराज) को थलतेज(अमदावाद) अन्तर के तेज की खोज के लिए अनुकूल लगा (यह बात बहोत साल पहले की हे जब अमदावाद का आज का थलतेज शहर...

समर्थ रामदास स्वामी के प्रिय शिष्य कल्याण

एकबार समर्थ रामदास स्वामी उनके शिष्यवृन्द के साथ सुन्दर वन में विहार कर रहे थे। कल्याण नाम के एक शिष्य ने उनकी बहोत सेवा की थी। उसकी गुरु भक्ति से...

स्वामी विवेकानंद - २७ सितम्बर १८९३ (अंतिम बैठक में दिया गया भाषण)

विश्वधर्म परिषद् वास्तविकता बन चुकी हे। उसको वास्तविकता बनाने के लिए जिन्होंने मेहनत की हे उनको ईश्वर ने ही सहायता की हे और उनके निःस्वार्थी श्रम को सफलता मिली हे....

भगवान दत्त अवतार - रहस्य

“जन्म” और “अवतार” के बिच में जमीन और आसमान जीतना अंतर होता हे। “अवतार” शब्द “अव + तृ” इन दो शब्द से बना हुआ हे अर्थात अवतरण होना - उतरना...

शंकराचार्य

मान्यता हे की शंकराचार्य को भगवान् ने आठ साल का आयुष्या दिया था , जिसमे उनका बचपन भी पूर्ण नहीं होता . लेकिन शंकराचार्य ने आठ साल की उम्र में...

कावडीबुवा

माता - पिता को कांवड़ में बिठा कर यात्रा करने वाले श्रवण कुमार को हर कोई जानता हे . अपनी पीठ पर कावड़ उठा कर ले जाने वाले श्रवण कुमार...

रघुनाथ भट्टजी (अद्वैतेश्वर)

नर्मदा नदी के तट पर भृगुक्षेत्र में ज्ञानवर्धन नमक एक ब्राह्मण अपनी पत्नी के साथ तपस्चर्या कर रहा था. दोनों शिव भक्क्त थे. दोनों यही प्रार्थना करते थे की “भृगुऋषि...

रहस्य कोई कोई जाने

“परोपराय इदं शरीरम” अर्थात यह शरीर परोपकार के लिए हे यह वाक्य वास्तव में संत सिद्ध कर देते हे . संतो की प्रत्येक क्षण परोपकार के लिए ही होती हे...

गुरु महिमा

गुरु महिमा अपरम्पार हे .”गुरु” शब्द की तुलना “गुरु” के साथ हो सकती हे , फिर भी समर्पण और प्रेम यह दो शब्दरूपी पुण्य को गुरु पादुका को अर्पण करने...